ऋषिकेश, राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने विदेश की धरती से हैल्दी लाइफस्टाइल जीने का संदेश दिया। नेशनल न्यूट्रिशन वीक (राष्ट्रीय पोषण सप्ताह) का उद्देशय जनसमुदाय को अपनी हेल्थ के प्रति जागरूक करना है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हैल्थ के प्रति जागरूक रहने के साथ उचित, बैलेंस व पौष्टिक आहार ग्रहण करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि पौष्टिक आहार हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
स्वामी जी ने कहा कि यह समय जंक से जैविक की ओर बढ़ने का है। यह बहुत आवश्यक है कि हम स्वयं और अपने बच्चों को क्या फीड करा रहे हैं इस हेतु जागरूक रहंे। उन्होंने कहा कि सकारात्मक विचार, श्रेष्ठ व्यवहार और पौष्टिक खानपान जीवन के तीन पिलर है इसलिये बेहतर स्वास्थ्य हेतु सुरक्षित व पौष्टिक भोजन अत्यंत आवश्यक है।
स्वामी जी ने कहा के जंक से जैविक की यात्रा के लिये हमें जैविक कृषि (ऑर्गेनिक फार्मिंग) को बढ़ावा देना होगा जिस पर संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों का अप्रयोग या न्यूनतम प्रयोग किया जाता है इससे उत्तम स्वास्थ्य के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति को भी बचाया जा सकता है।
भारत में जैविक खानपान कोई नई अवधारणा नहीं है, हमारी जीवनशैली पारम्परिक व प्राकृतिक थी तथा हमारा भोजन भी जैविक था, अब हमें वापस उसी ओर बढ़ना होगा साथ ही इसके लिये जनसमुदाय को जागरूक करने की भी जरूरत है।
स्वामी जी ने कहा कि पोषणयुक्त आहार प्राप्त करना न केवल वर्तमान पीढ़ी का अधिकार है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के अस्तित्व, स्वास्थ्य और विकास का भी विषय है।
पोषणयुक्त आहार न मिल पाने के कारण न केवल कम उम्र के बच्चों में मधुमेह एवं हृदय रोग जैसी बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं बल्कि उनमें रोगों से प्रतिरक्षा करने की क्षमता का भी ह्रास होता है। परिणाम स्वरूप कुपोषित से बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास अवरुद्ध हो जाता है, जिसका प्रभाव बच्चों के साथ-साथ देश के भविष्य पर भी पड़ता है इसलिये न केवल वर्तमान बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वस्थ व सुरक्षित रखने के लिये आईये जंक से जैविक की यात्रा की शुरूआत करें।