नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस व सपा का प्रदर्शन; पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद धरने पर बैठे कार्यकर्ता

Listen to this article

हरिद्वार: नीट (NEET) पेपर लीक मामले और शिक्षा प्रणाली में अनियमिताओं को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया।

​कार्यकर्ता चंद्राचार्य चौक से पैदल मार्च निकालते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के खन्ना नगर स्थित आवास का घेराव करने जा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच भारी धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ता वहीं सड़क पर धरना देकर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

​प्रमुख नेताओं के बयान और माँगें:

  • अमन गर्ग (महानगर कांग्रेस अध्यक्ष) एवं डॉ. सत्यनारायण सचान (सपा राष्ट्रीय सचिव): नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के छात्रों से माफी मांगें और संसद में शिक्षा प्रणाली तथा नीट पेपर लीक मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
  • मुरली मनोहर (अध्यक्ष, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ) एवं संजय पालीवाल (पूर्व राज्यमंत्री): उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के इस दमनकारी रवैये के खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक निरंतर संघर्ष जारी रखेगी।
  • रामयश सिंह (पूर्व विधायक) एवं संतोष चौहान (पूर्व अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग): दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश के लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • प्रदीप चौधरी (पूर्व पालिकाध्यक्ष) एवं अशोक शर्मा (वरिष्ठ नेता): नेताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार छात्रों के हितों को कुचलने का लगातार कुप्रयास कर रही है और जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।
  • ओ.पी. चौहान एवं महेश प्रताप राणा (वरिष्ठ कांग्रेस नेता): उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के तानाशाही और जनविरोधी रवैये का जवाब कांग्रेस पार्टी सत्याग्रह और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देगी।
  • अंजू मिश्रा (जिलाध्यक्ष, महिला कांग्रेस) एवं लता जोशी (महानगर अध्यक्ष, महिला कांग्रेस): महिला नेताओं ने सरकार की नीतियों, अत्याचारों और महिला विरोधी रवैये के खिलाफ आवाज उठाई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.