महानगर कांग्रेस कमेटी ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया
हरिद्वार। जिला महानगर कांग्रेस कमेटी ने सरकार के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कहा कि देश के अन्य राज्यों की विधानसभाओं की तुलना में उत्तराखंड विधानसभा के सत्र बहुत कम समय के लिए आहूत किए जाते हैं।जिससे राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषय राज्य के सर्वाेच्च सदन के सामने नहीं आ पाते हैं।जोकि राज्य हित में नहीं हैं।जिला हरिद्वार ग्रामीण अध्यक्ष बालेश्वर सिंह और पूर्व अध्यक्ष ओपी चौहान ने कहा कि प्रदेश के 70विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों को प्रस्तुत कर सरकार का जवाब भी लेना होता है। विधानसभा सत्र की अवधि कम होने के कारण विधायकों सदन में अपनी बात रखने का समय नहीं मिल पाता है।राजीव चौधरी और पूर्व प्रदेश महासचिव वरुण बालियान ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था न्यूनतम स्तर पर है।इस साल वन्यजीवों के आक्रमण से हर हिस्से में मानवीय क्षति हुई है।महेश प्रताप राणा और जिला पंचायत सदस्य संजय सैनी ने कहा कि हर घर नल योजना के बावजूद राज्य का हर हिस्सा पेयजल की समस्या से परेशान हैं।पिछले साल आयी आपदा के पीड़ितों के पुनर्वास और मुआवजे की समस्याएं खड़ी हैं। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू मिश्रा और पूनम भगत ने कहा कि अधिकांश विभाग मुख्यमंत्री के अधीन हैं। लेकिन जनता के अधिकारों और समस्याओं पर उठे सवालों का उत्तर देने में सरकार असहज दिखाई देती है।राजीव भार्गव और एससी ग्रामीण जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि ने कहा कि राज्य विधानसभा का बजट सत्र कम से कम 3 सप्ताह की समयावधि के लिए आहूत किया जाना चाहिए।ज्ञापन सौंपने वालों में राजबीर सिंह,मुख्य रूप से ब्लॉक अध्यक्ष ज्वालापुर अंकित चौहान ,पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजू द्विवेदी,बलराम गिरी कड़क,रचना शर्मा,वीरेंद्र श्रमिक,पार्षद हिमांशु गुप्ता,हिमांशु राजपूत,अजय गिरी,नितिन तेश्वर,अरूण चौहान,आशीष पंवार,सत्यपाल शास्त्री,कैलाश प्रधान,यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैश खुराना,सीपी सिंह,मनीष गुप्ता,गौरव गोस्वामी ,नागेश रावत,मोहन राणा,अनिल तोमर,दिव्यांश अग्रवाल, मुन्ना मास्टर,जावेद खान,तेलूराम प्रधान, रोहित नेगी, अंकित चौधरी, हरजीत सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस विधायकों ने की बजट सत्र की अवधि तीन सप्ताह रखने की मांग
विधायकों को सदन में प्रश्न रखने,सरकार से जवाब के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए-रवि बहादुर

हरिद्वार: कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर बजट सत्र की अवधि तीन सप्ताह रखने की मांग की है।विधायकों ने मांग की है कि बजट सत्र की कार्यवाही इस प्रकार निर्धारित की जाए कि प्रश्नकाल और विधायी कार्यों के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो।उनका कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदन में खुली और विस्तृत चर्चा आवश्यक है। ज्ञापन में विधायकों ने राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा,वन्य जीवों के हमलों से हो रही जनहानि,पेयजल संकट और आपदा पीड़ितों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की है।विधायकों ने आरोप लगाया कि हर घर नल जैसी योजनाओं के बावजूद कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है।पिछले वर्ष आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवार अब भी मुआवजे और पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।ज्ञापन में विधायकों ने यह भी कहा कि राज्य में अब भी कई कानून और नियमावली उत्तर प्रदेश काल के लागू हैं, जिन्हें उत्तराखण्ड की परिस्थितियों के अनुसार संशोधित किया जाना चाहिए।राज्य निर्माण के 25वर्ष बाद भी कई विधायी सुधार लंबित हैं।ज्ञापन में विधायकों ने सुझाव दिया कि बजट सत्र के दौरान आवश्यक संशोधन विधेयक लाकर राज्य की प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए।ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने कहा कि उत्तराखंड में विधानसभा सत्र अन्य राज्यों की तुलना में कम समय के लिए आयोजित होता है।जिससे जनता की समस्याएं सदन में पूरी तरह से नहीं उठ पातीं।प्रदेश के 70विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न सदन में रखने और सरकार से स्पष्ट जवाब लेने का अवसर मिलना चाहिए।प्रतिनिधिमंडल में विधायक हाजी फुरकान अहमद,विधायक ममता राकेश,विधायक अनुपमा रावत,हारून चौधरी,सागर बेनीवाल,महरूफ सलमानी,तबरेज आलम आदि शामिल रहे।