देहरादून: केन्द्रीय गृह मंत्रालय की“युवा आपदा मित्र योजना”के अंतर्गत एवं सचिव,आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग,उत्तराखंड शासन,जिलाधिकारी,देहरादून तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व),देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में युवा आपदा मित्र आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 02 से 08 दिसंबर तक संचालित होगा,जिसमें युवाओं को आपदा के समय फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में सक्षम बनाया जाएगा।उद्घाटन समारोह में कर्नल आदित्य जॉन पॉल,मेजर शशि मेहता,सूबेदार मेजर लक्ष्मण सिंह,सूबेदार मेजर जिया लाल,ओनरी कप्तान कृष्ण तड़ियाल,हवलदार राकेश कुमार की उपस्थिति रही।उनके द्वारा कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु गृह मंत्रालय एवं उत्तराखंड शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं संस्थागत संरचना,भूकंप, भूस्खलन,त्वरित बाढ़,बाढ़ एवं वनाग्नि से सुरक्षा।प्राथमिक उपचार,घायल प्रबंधन एवं ब्च्त् तकनीक,खोज एवं बचाव कार्य दृ रस्सी तकनीक व स्ट्रेचर निर्माण,संचार प्रबंधन एवं चेतावनी तंत्र तथा भारी वस्तुओं का सुरक्षित स्थानांतरण।कार्यक्रम का प्रशिक्षण व संचालन डंेजमत ज्तंपदमत राजू शाही,जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं किशन राजगुरु एवं सुशील सिंह कैंतुरा,मास्टर ट्रेनर युवा आपदा मित्र,देहरादून द्वारा किया जा रहा है।उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र आपदा की विकट परिस्थितियों में स्थानीय समुदाय की सुरक्षा हेतु अग्रिम पंक्ति में कार्य करेंगे।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रतिभागियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता व क्षमता में वृद्धि होगी तथा आपदा जोखिम को न्यूनतम करने हेतु सामुदायिक तंत्र अधिक सुदृढ़ होगा।