हरिद्वार: नगर निगम हरिद्वार ने शुक्रवार, 6 दिसंबर, 2025 को पुलिस प्रशासन के साथ एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए भीमगोडा क्षेत्र में स्थित रामलीला भवन और उसकी भूमि को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया है। यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के उल्लंघन और संपत्ति पर चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के मद्देनजर की गई है।
अवैध गतिविधियों पर न्यायालय का प्रतिबंध
उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में ही न्यायालय नियत प्राधिकारी एवं नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार कोर्ट द्वारा इस स्थल पर अवैध व्यावसायिक गतिविधियों, अनधिकृत निर्माण और अवैध पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि को रोके।
नोटिस के बावजूद जारी रहा उल्लंघन
श्री गोस्वामी के अनुसार, नगर निगम की संयुक्त निरीक्षण टीम ने 13 नवंबर, 2025 को स्थल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संपत्ति पर अवैध निर्माण के साथ-साथ विवाह जैसी व्यावसायिक गतिविधियां बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के चलाई जा रही थीं।
इसके तुरंत बाद, नगर निगम ने समिति के अध्यक्ष को एक नोटिस जारी कर सभी अनधिकृत गतिविधियों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि, बाद में जब दोबारा निरीक्षण किया गया, तो यह पाया गया कि नगर निगम के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सभी अवैध गतिविधियां बिना अनुमति के बदस्तूर जारी थीं।
नगर निगम ने संपत्ति को लिया कब्जे में
निर्देशों के निरंतर उल्लंघन को देखते हुए, नगर निगम ने अपनी संपत्ति को वापस अपने अधिकार में लेने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। 06 दिसंबर, 2025 को, नगर निगम की संयुक्त टीम ने पुलिस प्रशासन की मदद से इस संपत्ति पर कार्रवाई की और भवन सहित सभी कमरों और भूमि को अपने अधिकार में ले लिया।
भवन का प्रस्तावित उपयोग
उप नगर आयुक्त ने बताया कि अपनी संपत्ति और भवन को कब्जे में लेने के बाद, नगर निगम ने यह प्रस्ताव दिया है कि इस भवन का उपयोग वार्डों की सफाई व्यवस्था के लिए क्षेत्रीय कार्यालय (डिपो) के तौर पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को वार्ड में ही नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है।
संयुक्त टीम में अधिकारी
कब्जे की इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम में उप नगर आयुक्त के साथ-साथ सहायक नगर आयुक्त (कर अनुभाग), सहायक नगर आयुक्त (योजना अनुभाग), अवर अभियंता, संपत्ति लिपिक, और कर एवं राजस्व निरीक्षक जैसे अधिकारी शामिल रहे।
अन्य अवैध कब्जों पर भी होगी कार्रवाई
श्री गोस्वामी ने यह भी बताया कि इस कार्रवाई के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में अन्य 06 व्यक्तियों के अवैध कब्जों की पैमाइश भी की गई है। नगर निगम अब इन कब्ज़ाधारियों को नोटिस जारी करेगा और उनके खिलाफ भी आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।