हरिद्वार/मेरठ: हरिद्वार के कलियर से बीते 11 अक्टूबर को एक हिंदू परिवार को बेचने के लिए चोरी किए गए 3 माह के मासूम बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए एक बड़े बच्चा चोर गैंग के 5 सदस्यों और बच्चे के खरीदार समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
घटना का विवरण:
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के निवासी जहीर अंसारी 11 अक्टूबर को अपनी पत्नी और 3 माह के बेटे के साथ हरिद्वार के कलियर में जियारत के लिए आए थे। रात के समय एक दुकान के पास रुकने पर, दो अज्ञात महिलाओं ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई। देर रात जब परिवार सो रहा था, तभी इन महिलाओं ने मौका पाकर मासूम बच्चे को चुरा लिया।
तत्काल पुलिस कार्रवाई और गैंग का पर्दाफाश:
बच्चा चोरी की सूचना मिलते ही, एसएसपी प्रमेन्द्र डबराल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। बच्चे की बरामदगी के लिए कलियर और आस-पास के थानों की संयुक्त टीम के साथ-साथ सीआईयू रुड़की को भी सक्रिय किया गया।
पुलिस की गहन पड़ताल में मैनुअल और डिजिटल सबूतों के आधार पर एक बड़े बच्चा चोर गैंग का खुलासा हुआ। पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए मेरठ पहुंचकर गैंग की मुख्य कड़ी आस मोहम्मद लंगड़ा को धर दबोचा। उससे पूछताछ के आधार पर उसकी पत्नी शहनाज और एक अन्य महिला सलमा तक पहुंची। पुलिस की कड़ी पूछताछ में बच्चा चोरी और उसे बेचने के पूरे संगठित नेटवर्क का खुलासा हो गया।
गिरफ्तार आरोपी और खरीदार:
पुलिस ने गैंग के 5 सदस्यों – आस मोहम्मद लंगड़ा, शहनाज, सलमा, आंचल और नेहा शर्मा को गिरफ्तार किया। साथ ही, बच्चे के अंतिम खरीदार विशाल गुप्ता को भी दबोच लिया गया, जिसके घर से बच्चे को बरामद किया गया।
बच्चे को बेचने की पूरी चेन:
पूछताछ में सामने आया कि जहीर अंसारी के बच्चे को चोरी करने के बाद तीन बार बेचा गया।
- चोरी और पहली बिक्री: गैंग के सरगना आस मोहम्मद लंगड़ा ने अपनी पत्नी शहनाज और सलमा के साथ मिलकर कलियर से बच्चे को चोरी किया। इन तीनों ने मिलकर बच्चे को आंचल को ₹3 लाख में बेचा।
- दूसरी बिक्री: इसके बाद आंचल ने बच्चे को नेहा शर्मा को ₹4 लाख में बेच दिया।
- अंतिम बिक्री: बच्चे की अंतिम और असली खरीदार मेरठ का निवासी विशाल गुप्ता था, जिसकी शादी के 10 साल बाद भी संतान नहीं थी। विशाल मेरठ के एक अस्पताल में इलाज करा रहा था, जहाँ नेहा शर्मा पेशेंट कोऑर्डिनेटर थी। विशाल ने नेहा से बच्चा गोद लेने की इच्छा जताई थी। नेहा शर्मा ने ही आस मोहम्मद लंगड़ा के गैंग से संपर्क किया। नेहा शर्मा ने बच्चे को अंतिम खरीदार विशाल गुप्ता को ₹4 लाख 90 हजार में बेच दिया।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।