देहरादून में यातायात प्रबंधन और सौंदर्यीकरण पर फोकस
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल के प्रयासों से देहरादून शहर में यातायात प्रबंधन और सौंदर्यीकरण के कई कार्य पूरे हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए, शहर के 11 प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं, जिनमें महाराणा प्रताप चौक, नालपानी चौक, मोथोरावाला चौक, और ट्रांसपोर्ट नगर शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस के सीसीटीवी कैमरों को भी इंटीग्रेट किया गया है ताकि यातायात की निगरानी की जा सके।
शहर को सुंदर और ऐतिहासिक रूप देने के लिए साई मंदिर जंक्शन, कुठालगेट और दिलाराम चौक का पहाड़ी शैली में सौंदर्यीकरण किया गया है। इन जगहों पर राज्य की सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाने वाली कलाकृतियां लगाई गई हैं, जो पर्यटकों को उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराएंगी। शहर के चौराहों और मुख्य मार्गों पर लोक परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों की कलाकृतियों के साथ-साथ राज्य आंदोलनकारियों की स्मृतियों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है, ताकि देहरादून आने वाले लोग यहां की विरासत से परिचित हो सकें।
दो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 25000 से अधिक परीक्षार्थी
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। अपर जिलाधिकारी (एफआर) के.के. मिश्रा ने बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेटों और केंद्र व्यवस्थापकों के साथ एक बैठक की और परीक्षाओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) प्रारंभिक परीक्षा-2023: यह परीक्षा 31 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक देहरादून के 19 केंद्रों पर होगी। इसमें 8,314 परीक्षार्थी भाग लेंगे, जिसके लिए 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
फोटोग्राफर, स्नातक सहायक, वैज्ञानिक सहायक परीक्षा: यह लिखित प्रतियोगी परीक्षा भी 31 अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक देहरादून के 22 केंद्रों पर होगी। इसमें 9,462 परीक्षार्थी शामिल होंगे और 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर उचित तलाशी (fiscking) ली जाए और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को अंदर न जाने दिया जाए। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि आयोग के निर्देशों का पूरी तरह से पालन हो।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का आंदोलन जारी

हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में कर्मचारियों का आंदोलन 53वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज और महामंत्री नरेंद्र मलिक ने कहा कि उनका संघर्ष अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहा है, लेकिन वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि सरकार द्वारा जारी यूजीसी अधिनियम 2023 को लागू किया जाए। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें समाज के विभिन्न संगठनों से समर्थन मिल रहा है, जो उनके आंदोलन की सार्थकता को दर्शाता है। बृहस्पतिवार को जन अधिकार संगठन के हरिद्वार जिला उपाध्यक्ष रामविलास पासवान और भूमिहीन किसान संगठन के उत्तराखंड सचिव संजीव बाबा और रमेश ने भी कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए अपना समर्थन दिया।