हरिद्वार: भाजपा नेत्री डा. शालिनी अली ने वक्फ संशोधन विधेयक को सरकार का ऐतिहासिक और समाजहित में लिया गया निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि वक्फ एक पवित्र संस्था है जिसका उद्देश्य गरीब मुसलमानों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास में मदद करना है। दुर्भाग्य से, यह संस्था वर्षों से भ्रष्ट तत्वों का शिकार रही है। उन्होंने वक्फ बोर्डों में दो महिलाओं की भागीदारी को मुस्लिम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में लाने वाला स्वागत योग्य कदम बताया। डा. अली ने कहा कि संशोधन से वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रुकेगा और गरीबों को लाभ मिलेगा। उन्होंने वक्फ कानून के विरोध में किए गए प्रदर्शन को राजनीतिक स्टंट करार दिया।