हरिद्वार समाचार: हलाला प्रकरण और शिक्षक गरिमा शिविर

Listen to this article


हलाला प्रकरण की पीड़िता के परिवार से मिले मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष
पीड़ित परिवार को दिया सहयोग का आश्वासन
हरिद्वार। उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून क़ासमी ने ग्राम बंदरजूड का दौरा किया और हलाला प्रकरण की पीड़िता के परिवार से मुलाकात की।उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून क़ासमी ने सोमवार को ग्राम बंदरजूड पहुंचकर उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत दर्ज हलाला के प्रथम प्रकरण से संबंधित पीड़िता के परिवारजनों से भेंट कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति आश्वस्त किया। इस अवसर पर मुफ़्ती शमून क़ासमी ने कहा कि उत्तराखण्ड में लागू समान नागरिक संहिता महिलाओं की गरिमा,समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।उन्होंने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने साहसिक नेतृत्व का परिचय देते हुए समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के विरुद्ध प्रभावी कदम उठाया है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समान नागरिक संहिता इस्लाम विरोधी नहीं है।इस्लाम महिलाओं को सम्मान,सुरक्षा,न्याय और गरिमा प्रदान करने की शिक्षा देता है।हलाला तथा तीन तलाक जैसी कुप्रथाएँ महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रतिकूल हैं।मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक समानता के लिए जो कदम उठाया है,वह सराहनीय एवं ऐतिहासिक है।मुफ़्ती शमून क़ासमी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राष्ट्रहित,सामाजिक समरसता और संवैधानिक आदर्शों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहे हैं। मुफ़्ती शमून क़ासमी ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा लागू की गई समान नागरिक संहिता संविधान की भावना के अनुरूप है और इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार एवं समान न्याय सुनिश्चित करना है।इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी मुफ्ती शमून कासमी का स्वागत किया तथा क्षेत्रीय सामाजिक एवं शैक्षिक मुद्दों पर चर्चा की।मुफ़्ती शमून क़ासमी ने ग्रामीणों से सामाजिक सद्भाव,शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सामाजिक सुधार,महिला सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की दिशा में एक नए युग की शुरुआत कर रहा है तथा राज्य सरकार के प्रयास देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।राज्यमंत्री शमून कासमी ने अंतरराष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल मंगलोरी को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर उनके रुड़की आवास पहुंचकर उनका अभिनन्दन किया।इस अवसर पर उत्तराखंड नागरिक सम्मान समिति के सचिव सलमान फरीदी,इमरान देशभक्त,सयैद नफिसुल हसन,बिटन त्यागी आदि मौजूद रह


शिक्षक गरिमा शिविर में राजस्थान के शताधिक शिक्षक हुए सम्मानित

वक्ताओं ने कहा- अध्यापक हैं युग निर्माता, छात्र राष्ट्र के भाग्य विधाता
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज एक आध्यात्मिक संस्थान ही नहीं है,वरन् यहाँ का मुख्य उद्देश्यों में से एक यह भी है कि भावी पीढ़ी को संवारने,संस्कारित करने तथा उनके भविष्य को सुखद व सफल बनाने की दिशा में भागीरथ प्रयास है।इसी क्रम में राजस्थान के शताधिक शिक्षकों को उनके अतुलनीय योगदान के लिए शांतिकुंज ने प्रशस्ति पत्र आदि भेंटकर सम्मानित किया। यह सम्मान पाकर उनके भाव प्रफुल्लित हो उठे।प्रतिभागियों ने संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी से भेंटकर आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षक ज्ञान देने वाला और समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है।यदि शिक्षक अपने दायित्वों का संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निर्वहन करें,तो आने वाली पीढिय़ाँ संस्कारवान,चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ बन सकती हैं।समापन सभा को संबोधित करते हुए शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि ने कहा कि शिक्षकों का दायित्व विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें मानवीय संवेदनाएँ,नैतिक मूल्य एवं आदर्श जीवन दृष्टि विकसित करना भी है।उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है,जब वह व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र का समग्र विकास करे।शिविर समन्वयक ने कहा कि इस विशेष शिविर में राजस्थान के जयपुर,भीलवाड़ा,कोटा,भरतपुर,उदयपुर,झालावाड़,नागौर सहित 35से अधिक जिलों से आए शताधिक की संख्या में निष्ठावान शिक्षकों और शिक्षाविदों ने सहभागिता की।इस दौरान शिक्षकों को उनकी वास्तविक गरिमा,सामाजिक दायित्वों और भावी समाज के निर्माण में उनकी शैक्षणिक भूमिका के पालन के लिए प्रेरित किया गया।अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में सहभागी शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए।दो दिन चले इस शिविर में प्रो.प्रमोद भटनागर,श्याम बिहारी दुबे,केपी दुबे,चक्रधर थपलियाल,डॉ सौरभ मिश्रा,कमल नारायण आदि ने भी अपने अपने विचार रखे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.