हरिद्वार। आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित परंपरा का निर्वहन करते हुए श्री शंभू पंच दशनाम आह्वान अखाड़े की 1221वीं छड़ी यात्रा बुधवार को हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड स्नान के बाद चारधाम भ्रमण के लिए रवाना हो गई। 10 मई को ऋषिकेश के गौरीशंकर मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के पश्चात 7 जून को संपन्न होगी।
अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी महाराज ने बताया कि इस बार पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत का संदेश देने के लिए संसाधनों को सीमित रखा गया है। प्रधानमंत्री के आह्वान को ध्यान में रखते हुए पांच बसों के बजाय केवल एक बस का उपयोग किया जा रहा है और संतों की संख्या भी सीमित रखी गई है।
श्रीमहंत गोपाल गिरी महाराज ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म जागरण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाना है। इस अवसर पर साध्वी तुलसी माता, श्रीमहंत रवि गिरी और महंत भूपेंद्र गिरी सहित बड़ी संख्या में संत समाज उपस्थित रहा।