श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम ने शुरू किया “समावेशी एवं गुणवत्ता परक शिक्षा अभियान”
हरिद्वार। श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम ने बहादराबाद विकासखंड के तीन विद्यालयों में “समावेशी एवं गुणवत्ता परक शिक्षा कार्यक्रम” का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आश्रम ने एम3एम फाउंडेशन और डॉ. एस.पी. जैन मैनेजमेंट संस्था के साथ अनुबंध किया है।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उनके समग्र व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाना है।
अभियान की मुख्य विशेषताएँ:
- ड्रॉपआउट बच्चों की काउंसलिंग: विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से फिर से जोड़ने के लिए उनके माता-पिता से संवाद किया जा रहा है।
- बाल मंत्रिमंडल का गठन: कतरपुर विद्यालय में प्रधानमंत्री, स्वच्छता मंत्री, शिक्षा मंत्री जैसे पद बनाकर बच्चों को जिम्मेदारियाँ दी गई हैं, जिससे उनमें नेतृत्व कौशल, निर्णय क्षमता और उत्तरदायित्व की भावना का विकास हो रहा है।
- कौशल उन्नयन एवं समग्र विकास: बच्चों की रचनात्मक सोच, टीम वर्क, समस्या समाधान क्षमता को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
- स्वच्छता एवं वाश किओस्क: बच्चों को हाथ धोने की आदत और सुरक्षित जल के उपयोग पर व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है।
- ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएँ: क्विज़, वाद-विवाद और निबंध लेखन जैसी गतिविधियाँ बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा रही हैं।
आश्रम के सचिव श्री ज्ञान सिंह रावत जी ने कहा कि उनका प्रयास है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, और इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को भविष्य में जिम्मेदार, जागरूक और सक्षम नागरिक बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया गया करवा चौथ पर्व

हरिद्वार। हरिद्वार के ग्रामीण अंचलों में भी करवा चौथ का पर्व बड़े ही उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया।
मिस्सरपुर, जगजीतपुर, अजीतपुर, जमालपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की सौभाग्यवती महिलाओं ने लाल रंग की साड़ी और चुन्नी ओढ़कर सामूहिक रूप से एकत्र हुईं और मां दुर्गा की आराधना की।
- मिस्सरपुर गांव में आत्म सुरक्षा की नेशनल कोच और डिस्ट्रिक्ट वूशु एसोसिएशन ऑफ हरिद्वार की सचिव आरती सैनी के निवास पर सामूहिक आयोजन हुआ।
- इस अवसर पर कथावाचक श्रीमती मिथिलेश शर्मा ने करवा चौथ की कथा विस्तार से सुनाई और गणेश तथा देवी का पूजन किया गया।
आरती सैनी ने इस मौके पर कहा कि करवा चौथ का पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है और पारिवारिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करता है। रात में चांद के दर्शन करने और अपने-अपने पतियों की पूजा करने के बाद सौभाग्यवती महिलाओं ने जल ग्रहण कर अपना व्रत संपन्न किया।
जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी पहुंची केदारनाथ धाम, धारी देवी मंदिर को पिकनिक स्पॉट बनाने का विरोध
रुद्रप्रयाग। श्री पंच दश नाम जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा उत्तराखंड भ्रमण के दौरान आज द्वादश ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम पूजा अर्चना के लिए पहुंची। नागा संन्यासियों के जत्थे ने लगभग 44 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई को ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ पार किया।
केदारनाथ धाम पहुंचने पर तीर्थ पुरोहितों, प्रशासनिक अधिकारियों, बद्री केदार समिति के सदस्यों और हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था के साथ पवित्र छड़ी का स्वागत किया।
पवित्र छड़ी यात्रा के उद्देश्य और प्रमुख संन्यासी:
- हिमालय पीठाधीश्वर वीरेंद्रीआनंद गिरी महाराज के नेतृत्व में साधु-संतों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए तथा देश-प्रदेश और विश्व कल्याण की कामना के साथ विशेष पूजा अर्चना की।
- इससे पहले कल यह पवित्र छड़ी पौराणिक तीर्थ धारी देवी मंदिर की पूजा अर्चना कर रुद्रप्रयाग पहुंची थी।
- रुद्रप्रयाग में छड़ी यात्रा की शोभायात्रा निकाली गई, जिसका स्वागत स्थानीय विधायक भारत सिंह चौधरी, मेयर संतोष सिंह रावत और अन्य गणमान्य लोगों ने किया।
कोटेश्वर महादेव मंदिर में पूजन:
- शोभायात्रा के बाद पवित्र छड़ी पौराणिक तीर्थ कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहाँ श्री महंत शिवानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में विधिवत पूजा अर्चना की गई।
- यह मंदिर इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि माना जाता है कि यहीं पर भस्मासुर राक्षस से बचने के लिए भगवान शिव ने गुफा में शरण ली थी।
जूना अखाड़े का विरोध:
- महामंडलेश्वर विरेंद्रानंद गिरी महाराज ने इस यात्रा का एक उद्देश्य स्थानीय समस्याओं का अध्ययन कर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना बताया।
- उन्होंने धारी देवी मंदिर को पिकनिक स्पॉट बनाए जाने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि धारी देवी मंदिर एक पौराणिक तीर्थ है और इसे पिकनिक स्पॉट बनाने, पर्यटकों के मौज-मस्ती और नौकायन करने से इस क्षेत्र की पवित्रता तथा गरिमा नष्ट हो रही है।
- उन्होंने सरकार से इन गतिविधियों को बंद करने की मांग की। उन्होंने बताया कि साधु-संत और अखाड़ा परिषद इस विषय पर मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे।