हरिद्वार: महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने बीते दिन शाम आए छोटे से तूफान से उत्पन्न हुई अव्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यह अव्यवस्थाएं किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती थीं और कई जिम्मेदार विभागों के कार्यों पर सवाल खड़े करती हैं।
सेठी ने अपने पत्र में बताया कि तूफान के कारण जगह-जगह पेड़ और उनकी टहनियां टूटकर लटक गईं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि पहले भी भेल (BHEL) के पास पेड़ गिरने से एक स्कूटी सवार की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग सतर्क नहीं हुए हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शहर में जगह-जगह लगे होर्डिंग, यूनीपोल, टूटी तारें, बिजली के खंभे, नहरों किनारे पुलों पर लगाए गए जाल, वाई-फाई और डिश की सड़कों पर बेतरतीब ढंग से लटकती तारें, और घाटों पर लगे बोर्ड जैसी कई चीजें हैं, जो तेज हवाओं के चलने पर आम जनता और राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
सेठी ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार विभाग इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं और केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं, जिससे सरकारी और जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन जनता को समस्याओं से निजात नहीं मिल रही।
सेठी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
सुनील सेठी ने हरिद्वार जिलाधिकारी से भी निवेदन किया है कि वे इन सभी विषयों के लिए बने जिम्मेदार विभागों को निर्देशित करें कि वे किसी बड़े तूफान या आपदा से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर उतरकर इन अव्यवस्थाओं को दूर करने का प्रयास करें।
उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री से ऐसे विभागों पर ठोस कार्रवाई करने और अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए निर्देशित करने की मांग की, जिनकी आपदा प्रबंधन या इन कार्यों के लिए जिम्मेदारी है। सेठी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो हरिद्वार में ऐसे तूफानों से बड़ी अनहोनी होने की प्रबल संभावनाएं हैं।
इस मांग का समर्थन करने वालों में मुख्य रूप से सुनील मनोचा, सोनू चौधरी, एस के सैनी, भूदेव शर्मा, अनिल कोरी, एस एन तिवारी, राकेश सिंह, महेश कालोनी, राजू जोशी, सचिन अग्रवाल, लाल सिंह यादव और रवि बांगा शामिल रहे।